
सरायपाली/चिवराकुटा । बार-बार बुखार आना या लंबे समय तक बुखार बने रहना किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है। इसे सामान्य बुखार समझकर नजरअंदाज करना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। टीबी, टाइफाइड, मलेरिया तथा अन्य गंभीर संक्रमणों के कारण भी व्यक्ति को लगातार या बार-बार बुखार आ सकता है। ऐसे में समय पर चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक जांच कराना बेहद जरूरी है।
चिकित्सकीय जागरूकता के उद्देश्य से नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, चिवराकुटा, सिंघोड़ा, सरायपाली द्वारा लोगों को बुखार के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अस्पताल से जुड़े मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नेलन लुगुन (एमडी, मेडिसिन) के अनुसार, लंबे समय तक बुखार बने रहने पर उसके वास्तविक कारण का पता लगाना आवश्यक है, ताकि मरीज को उचित उपचार मिल सके।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
यदि किसी व्यक्ति को बार-बार बुखार आ रहा है, कई दिनों तक बुखार बना हुआ है या बुखार के साथ अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। बुखार के कारण का पता लगाने के लिए चिकित्सक मरीज की स्थिति के अनुसार रक्त जांच सहित अन्य आवश्यक परीक्षण कराने की सलाह दे सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, बिना चिकित्सकीय सलाह के बार-बार दवाइयां लेना या स्वयं एंटीबायोटिक का सेवन करना उचित नहीं है। सही समय पर जांच कराने से बीमारी की पहचान और उपचार में मदद मिलती है।
गंभीर लक्षणों में तुरंत लें चिकित्सा सहायता
बुखार के साथ सांस लेने में परेशानी, बेहोशी, भ्रम, गर्दन में अकड़न या अत्यधिक कमजोरी होने पर तत्काल चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों में बुखार को लेकर विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, चिवराकुटा, सिंघोड़ा, सरायपाली में मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. नेलन लुगुन से परामर्श के लिए संपर्क किया जा सकता है।
📍 पता: नवजीवन मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, चिवराकुटा, सिंघोड़ा, सरायपाली (छत्तीसगढ़)
📞 संपर्क: 87709 03234, 94241 84383
संदेश: बुखार को हल्के में न लें। समय पर जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार लें।



