महासमुंद

वक्फ संशोधन बिल ऐतिहासिक निर्णय है। देश में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करेगा- सरला कोसरिया

महासमुंद : लोकसभा में बुधवार को वक्फ संशोधन बिल पारित हुआ और उसके दूसरे दिन गुरुवार को देर रात लंबी बहस और चर्चा के बाद राज्यसभा में पास किया गया है।

लोकसभा में वक्फ संसोधन बिल के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 मत मिला। ठीक उसी तरह राज्य सभा मे पक्ष में 128 और विपक्ष में 95 मत पड़े इस तरह से दोनों सदन में बहुमत के साथ बिल पारित हो चुका है। अब अंतिम मुहर के लिए देश के राष्ट्रपति जी के पास जाएगा और उनके हस्ताक्षर और सहमति के बाद से नोटिफिकेशन जारी होगा और उसके बाद बिल लागू हो जाएगा।

जिसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों में पारदर्शिता लाना और गैर-मुस्लिमों को भी वक्फ बोर्ड में शामिल करना है। इस विधेयक में सरकार को वक्फ के खातों का ऑडिट कराने का अधिकार भी दिया गया है।

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग छत्तीसगढ़ शासन के सदस्य एवं भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष श्रीमती सरला कोसरिया जी ने वक्फ संशोधन बिल पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बताया कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय है, जो देश में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करेगा। इस बिल के माध्यम से वक्फ संपत्तियों को भी कानून के दायरे में लाया गया है, जो पहले किसी भी न्यायिक समीक्षा से परे था। यह एक महत्वपूर्ण सुधार है, जिससे देश की न्यायिक प्रणाली को मजबूती मिलेगी।

आगे श्रीमती सरला कोसरिया ने कहा कि भारत में वक़्फ़ संपत्तियों की संख्या अत्यधिक है और इसका समुचित उपयोग गरीब एवं जरूरतमंद मुस्लिम समुदाय के लोगों तक नहीं पहुँच पा रहा था। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वक्फ संपत्तियों का लाभ मुस्लिम समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिलना चाहिए, न कि कुछ विशेष लोगों तक सीमित रहना चाहिए। वक़्फ़ बोर्ड द्वारा प्रस्तुत रिपोर्टों में कई अनियमितताओं की पुष्टि हुई है, जिनका समाधान आवश्यक था। वक़्फ़ संपत्तियों पर हुए अनधिकृत कब्जों को हटाने और इन संपत्तियों का सही उपयोग सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने कठोर प्रावधान किए हैं।

विपक्ष द्वारा बिल का विरोध अनुचित

श्रीमती सरला कोसरिया ने कहा कि इस संशोधन के माध्यम से वक्फ ट्रिब्यूनल के निर्णयों को अब न्यायालय में चुनौती दी जा सकेगी, जो एक बड़ा सुधार है। पहले यह संभव नहीं था, जिससे कई विवादों का समाधान नहीं हो पाता था। अब न्याय की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी होगी। शर्मा ने विपक्ष द्वारा बिल के विरोध को अनुचित बताया और कहा कि यह किसी विशेष समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ उठाया गया कदम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में वक़्फ़ संपत्तियों पर हुए अनधिकृत कब्जों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाएगी और आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। श्रीमती सरला कोसरिया जी ने इस निर्णय को राष्ट्रहित में बताया और कहा कि यह केवल वक़्फ़ संपत्तियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सभी धार्मिक संपत्तियों की पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार निरंतर प्रयासरत रहेगी।

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