
महासमुंद/सरायपाली : जन सेवा ही प्रभु सेवा और “सेवा परमो धर्म” परोपकार का अवसर ईश्वर देता है, जिसे मिलता वह उसके लिए सौभाग्य होता है। इसी संदर्भ में जिला महासमुन्द के विकासखण्ड सरायपाली में स्थित कटंगपाली में स्वामी सुमेधानंद वैदिक गुरुकुल नाम संचालित है जिसके संस्थापक स्वामी रविन्द्र दास एवं संचालक ऋषिराज आर्य हैं एवं इस आवासीय गुरुकुल में वर्तमान में 20 शिक्षार्थी अध्ययनरत हैं। बता दें कि बाबा बिसाशाहे कुल कोलता रायपुर संभाग के युवा प्रकोष्ठ सरायपाली के द्वारा आज कटी वस्त्र एवं कुर्ता (गणवेश) निःशुल्क वितरण किया गया। युवा प्रकोष्ठ रायपुर संभाग के अध्यक्ष राजेश प्रधान ने बताया कि कोलता समाज के आर्शीवाद एवं छत्तीसगढ़ कोलता समाज के उपाध्यक्ष नंदकिशोर भोई और बाबा बिसाशाहे कुल कोलता समाज रायपुर संभाग के कार्यकारिणी सदस्य किशोर कुमार भोई के मार्गदर्शन से यह कार्यक्रम सफल हुआ, जहां वैदिक एवं संस्कारों की शिक्षा मिलता है ऐसे पवित्र स्थल गुरुकुल में आने का अवसर मिलना हमारे लिए सौभाग्य की बात है। पुरूषोत्तम प्रधान ने बताया कि इस कार्यक्रम को सफल बनाने के सम्पूर्ण कोलता समाज एवं सभी पदाधिकारियों का योगदान प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रहा है एवं स्वरूप प्रधान रायपुर, मुरारी प्रधान, रोशन प्रधान, अरुण विशाल, लिंगराज साहू (मधु), प्रकाश चंद्र मांझी (पूर्व बीईओ), राजेंद्र भोई, हेमंत विशाल, अभिषेक साहू, विनय कुमार साहू एवं कृष्ण कुमार भोई इन सभी आर्थिक योगदान एवं विशेष सहयोग रहा। युवा प्रकोष्ठ सह सचिव स्वरूप प्रधान के कहा कि राजेश प्रधान के व्दारा उन्हें जानकारी कटंगपाली गुरुकुल में अध्ययनरत विद्यार्थीयों को गणवेश निःशुल्क वितरण करना है तो मैंने निःस्वार्थ भाव से हामी भरी।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ कोलता समाज के उपाध्यक्ष नंदकिशोर भोई, बाबा बिसाशाहे कुल कोलता समाज रायपुर संभाग के कार्यकारिणी सदस्य किशोर कुमार भोई, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष राजेश प्रधान, सह सचिव स्वरूप प्रधान संभाग, उपाध्यक्ष अंकित साहू, पुरूषोत्तम प्रधान, संगठन सचिव चक्रधर बारीक, उपाध्यक्ष मुरारी प्रधान, सह सचिव रोशन प्रधान, सह सचिव पद्माचरण प्रधान, द्रोण, सदस्य आदित्य साहू, कार्यकारिणी सदस्य अरुण विशाल, कार्यकारिणी सदस्य युवा प्रकोष्ठ अजित साहू, सदस्य हिमांशु साहू एवं संदीप उपस्थिति रहे। कार्यक्रम को समापन उद्बोधन में धन्यवाद ज्ञापन देते हुए गुरुकुल संचालक ऋषिराज आर्य ने बताया कि कोलता समाज का आना हमारे लिए सौभाग्य का विषय रहा, गुरुकुल में अध्ययनरत विद्यार्थीयों ने गणवेश पाकर प्रसन्न हुए। नन्द किशोर भोई ने अपने संबोधन में कहा कि गुरुकुल परंपरा भारतीय संस्कृति की आत्मा है और ऐसे प्रयास समाज में शिक्षा, संस्कार एवं सेवा भाव को सशक्त करते हैं। उन्होंने भविष्य में भी गुरुकुल एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ईश्वर से प्रार्थना किया। इस कार्यक्रम का पहल युवा प्रकोष्ठ सरायपाली के मुरारी प्रधान, रोशन प्रधान, राजेश प्रधान एवं पुरूषोत्तम प्रधान ने किया था।





