महासमुंदरायपुर

ग़लत जांच कर झूठा मामला बनाने, दबाव पूर्वक बयान लेने और सूचना का अधिकार आवेदन नहीं लेने पर परिवार परामर्श केन्द्र प्रभारी तरुणा मदनकार के विरुद्ध डीजीपी से लिखित शिकायत

महासमुन्द : पुलिस विभाग जिस तरह जनता का विश्वास जीतने के लिए तरह-तरह योजना निकलकर समाज में सकारात्मक कार्य कर रही है निश्चित ही एक सराहनीय कदम है लेकिन चंद पुलिस वालें इसके विपरीत कार्य कर इस योजनाओं पर पानी फेर रहें हैं मामला छत्तीसगढ़ के जिला महासमुन्द का है। बता दें कि आवेदक इन्द्रजीत प्रधान के शिकायत/आवेदन के अनुसार उसकी पत्नी ने इन्द्रजीत प्रधान के विरुद्ध थाना सांकरा में शिकायत किया था चूंकि मामला पारिवारिक होने के कारण थाना प्रभारी सांकरा ने महिला सेल/परिवार परामर्श केन्द्र महासमुन्द को आवेदन स्थानांतरित कर दिया था। महिला सेल महासमुन्द प्रभारी तरुणा मदनकार ने अनावेदक इन्द्रजीत प्रधान को मोबाइल नम्बर पर फोन कर अनेकों बार उपस्थित होने के लिए बोलाने लगा। इन्द्रजीत प्रधान का आरोप है कि प्रभारी तरुणा मदनकार ने मुझे बचाव साक्ष्य और स्वतंत्र पूर्वक बयान देने का अवसर नहीं दिया। आवेदिका को खुश करने के उद्देश्य से पक्षपात पूर्ण जांच किया गया। अनावेदक इन्द्रजीत प्रधान का बयान भी दबाव डालकर लिया गया। इन्द्रजीत प्रधान को महिला सेल प्रभारी फोन करके उपस्थित होने के लिए बुलाने लगा। लिखित नोटिस जारी के लिए बोलने पर विधिवत लिखित नोटिस नहीं जारी किया गया। जिससे प्रभारी तरुणा मदनकार के जांच संदेह के दायरे में आता है। इन्द्रजीत प्रधान के विरुद्ध दिए शिकायत की सत्यप्रमाणित प्रतिलिपि के लिए आवेदक ने सूचना का अधिकार आवेदन प्रस्तुत किया तो सूचना के अधिकार आवेदन लेने से मना कर दिया। महिला सेल प्रभारी तरुणा मदनकार यहां नहीं रूकी पक्षपात पूर्ण तरिके से जांच करते हुए थाना सांकरा को एफआईआर करने के लिए अनुशंसा भी भेज दी। इस बीच में इन्द्रजीत प्रधान ने पुलिस अधीक्षक महासमुन्द को शियाकत किया तो स्कूटिनी में त्रृटि पाई गई फिर पुलिस अधीक्षक ने पुनः जांच के लिए आदेश जारी किया। महिला सेल प्रभारी तरुणा मदनकार के हरकत से परेशान होकर इन्द्रजीत प्रधान ने गृहमंत्री छत्तीसगढ़ शासन, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक को पत्र भेजकर महिला सेल/परिवार परामर्श केन्द्र महासमुन्द प्रभारी तरुणा मदनकार के विरूद्ध विभागीय जांच कर उचित कार्यवाही करने हेतु मांग किया। इन्द्रजीत प्रधान ने बताया कि इसके बावजूद अगर प्रभारी तरुणा मदनकार के विरुद्ध कार्यवाही नहीं होता है तो प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, राज्यपाल, मानव अधिकार आयोग, मुख्य सचिव, आयुक्त रायपुर संभाग और कलेक्टर को शिकायत आवेदन भेजेंगे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

BREAKING