सरायपाली

“समाज सेवा का संकल्प: बलौदा महाविद्यालय के एनएसएस शिविर में मुख्यवक्ता के रूप में शामिल हुए जन्मजय नायक”

सरायपाली/बलौदा : डॉ.भीमराव अंबेडकर शासकीय महाविद्यालय बलौदा के राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई का सात दिवसीय विशेष शिविर शासकीय प्राथ.शाला जोगनीपाली(सरायपाली)के शाला प्रांगण में आयोजित है।”नशामुक्त समाज के लिए युवा”विषय पर आधारित शिविर के चतुर्थ दिवस के बौद्धिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में वंदेमातरम् सेवा संस्थान छ.ग.के उपाध्यक्ष,ओजस्वी वक्ता जन्मजय नायक आमंत्रित किए गए।कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथि परिचय,स्वागत व मां शारदे,भारत माता,स्वामी विवेकानंद जी के तैलीय चित्र पर धूप-दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

इस अवसर पर मुख्य वक्ता की आसंदी से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नायक ने कहा-नशा एक धीमा जहर है।जिस प्रकार लकड़ी को घुन,लोहे को जंग खोखला कर देती है उसी प्रकार इंसान को नशा खोखला कर बर्बाद कर देती है।नायक ने आगे कहा सम्पूर्ण विश्व में सर्वाधिक युवा शक्ति होने का दंभ भरने वाले हम क्या वास्तव में युवा शक्ति का उपयोग कर पा रहे हैं?क्या हम अपने देश के युवाओं को नशे के गिरफ्त से बचाने में कामयाब हो पा रहे हैं?या कि नारों,वादे,एवं दावों की शातिर चाल ही चलते जा रहे हैं।आज अधिकांश युवा पीढ़ी नशे के गिरफ्त में आकर पतनोन्मुख होती चली जा रही है।नशीली दवाओं एवं नशीले मादक पदार्थों की पहुँच बड़े-बड़े महानगरों से होते हुए छोटे शहरों,कस्बों के गलियारों से होते हुए गाँवो तक पहुँच चुकी है।
नायक ने शासन-प्रशासन को आड़े हाथों लेते हुए आगे कहा शासन-प्रशासन जब इन नशीले पदार्थ पर प्रतिबंध लगाते आ रही,तमाम जागरूकता अभियान चलाते आ रही है तो आखिर नशीले पदार्थ युवाओं तक पहुँच कैसे रहे हैं?क्या सरकार एवं प्रशासन चिर निद्रा में सोया हुआ है?
प्रायः यह देखा जाता है कि नशे के कारोबारियों के साथ प्रशासन तंत्र की जुगलबंदी एवं राजनैतिक संरक्षण के चलते नशे का कारोबार धड़ल्ले के साथ चलता रहता है।पूरी युवा पीढ़ी एवं समाज को मौत के मुँह में झोंकने वाले नरपिशाचों पर कभी कोई कार्रवाई नहीं होती है।बल्कि नोटों के वजन के आगे आँख मूंदकर सबकुछ सही बतला दिया जाता है।
नायक ने आगे कहा जब देश की युवा पीढ़ी नशे के चलते बर्बाद हो जाएगी तब किसी भी तरक्की का स्वप्न सिर्फ और सिर्फ स्वप्न रह जाएगा।दावे आँकड़े कुछ भी हों किन्तु वास्तविकता तो सबके सामने है कि नशे ने हमारी युवा पीढ़ी को अपनी चपेट में ले लिया है।अगर ऐसा ही चलता रहा तो इस बात की संभावना शत-प्रतिशत है कि भारत का भविष्य नशे के आगे घुटने टेक कर दम तोड़ देगा।नायक ने आगे कहा सुप्त पड़े समाज को नशे के विरूद्ध मुखर होकर एक क्रांति करनी होगी।क्योंकि यदि इस पर समाज कायरतापूर्वक अपने भीरूपन को लिए चुप्पी साधे बैठा रहा कि इससे क्या फर्क पड़ता है?तो यह मानकर चलिए कि आप भी किसी न किसी दिन नशे एवं इसके दुष्प्रभावों से प्रभावित होंगे,तब आपको अपने अपराध का बोध होगा।दूसरी ओर देश को युवाओं एवं इस समाज को नशे के जहर से बचाने की जिम्मेदारी जिनके कंधों पर है,चाहे वह हमारा शासन तंत्र या कि प्रशासन तंत्र यह उन पर निर्भर करेगा कि वे राष्ट्र के भविष्य को काल के मुँह मे झोंकना चाहते हैं या उसे नशे के व्यूह से बचाकर राष्ट्र के उत्थान एवं प्रगति पर लाकर मुख्य धारा में लाना चाहते हैं।
नायक ने छात्र-छात्राओं को तमाम मादक द्रव्यों (नशा)से परिचित कराते हुए इसकी शुरूआत,इसके दुष्प्रभाव और इससे जन्म लेने वालीआपराधिक गतिविधियों को अवगत कराते हुए सचेत कराया तथा इससे मुक्ति के उपाय भी सुझाए एवं शरीर के स्वास्थ्य के लिए जो भी जानना जरूरी है जानने की सलाह दी और उस पर अमल कर ऐसे दुर्व्यसनों से दूर रहने की सीख दी।नायक ने कार्यक्रम में लगातार 2घंटे तक अविराम,धाराप्रवाह के साथ बोलते हुए अपने शेरो-शायरी, गीत,कविता,ओजस्वी वक्तव्य से सबको मंत्रमुग्ध कर गंभीरता के भाव भर दिए। इस अवसर पर रासेयो कार्यक्रम अधिकारी कमला बाई दीवान,जोगनीपाली के भूतपूर्व सरपंच मनोहर सिंह सहित शिक्षक -शिक्षिकाएं,छात्र-छात्राएँ,ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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