महासमुंदसरायपाली

प्रतिभा पब्लिक स्कूल में 12वीं के छात्र-छात्राओं को दी गई भावभीनी विदाई

सरायपाली : स्थानीय प्रतिभा पब्लिक स्कूल, बालसी में आज का दिन स्मृतियों और भविष्य के संकल्पों के नाम रहा। विद्यालय के प्रांगण में स्थित हॉल में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों के लिए एक गरिमामय विदाई समारोह (Farewell Ceremony) का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम कक्षा 11वीं के वाणिज्य (Commerce) एवं विज्ञान (Science) संकाय के छात्र-छात्राओं द्वारा अपने सीनियर्स के सम्मान में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 12:30 बजे हुआ। जैसे ही कक्षा 12वीं के विद्यार्थी हॉल में प्रविष्ट हुए, उनके जूनियर्स ने तिलक लगाकर और करतल ध्वनि के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। समारोह की औपचारिक शुरुआत मुख्य अतिथि और विद्यालय के प्राचार्य नरहरि पटनायक एवं रेणुका त्रिपाठी द्वारा ज्ञान की देवी माँ सरस्वती के तैलचित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस दौरान सरस्वती वंदना के स्वर गुंजायमान रहे, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय और सकारात्मक हो गया।

विदाई की इस बेला में भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा जब शाला नायक (School Captain) विवेक बंजारे ने मंच संभाला। उन्होंने विद्यालय में बिताए अपने वर्षों के सफर को याद करते हुए कहा, “प्रतिभा स्कूल केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि हमारा दूसरा घर रहा है। यहाँ के शिक्षकों से मिले संस्कार और अनुशासन ही हमारी असली पूंजी है।” उनके संबोधन ने कई शिक्षकों और विद्यार्थियों की आँखों को नम कर दिया।

कक्षा शिक्षक नवीन कर एवं सुधांशु पाढ़ी ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों के साथ बिताए समय को याद किया। उन्होंने कहा कि विदाई का अर्थ अंत नहीं, बल्कि एक नई और बड़ी शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों को आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए जीवन की चुनौतियों का डटकर सामना करने और निरंतर सफलता की सीढ़ियां चढ़ने हेतु प्रेरित किया।

समारोह के मुख्य वक्ता प्राचार्य नरहरि पटनायक ने विद्यार्थियों को जीवन के व्यावहारिक सूत्रों से अवगत कराया। उन्होंने अपने ओजस्वी उद्बोधन में कहा, “जीवन में सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। कठिन परिश्रम, अटूट अनुशासन और ईमानदारी ही वे तीन स्तंभ हैं, जिन पर आपके उज्ज्वल भविष्य की नींव टिकी है। आप जहाँ भी जाएँ, अपने विद्यालय और माता-पिता का नाम रोशन करें।” उन्होंने विद्यार्थियों को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने का भी संदेश दिया।

इस विदाई समारोह की सबसे बड़ी विशेषता इसका सादगीपूर्ण आचरण रहा। कार्यक्रम का सफल और ऊर्जावान संचालन हर्षित सलूजा एवं वंशिका युववेजा ने किया, जिन्होंने अपनी वाकपटुता और शायरी से समारोह में उत्साह बनाए रखा। दोपहर 2:00 बजे स्वल्पाहार के पश्चात कार्यक्रम संपन्न हुआ। सभी जूनियर विद्यार्थियों ने अपने सीनियर्स को स्मृति चिह्न भेंट किए और उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ उन्हें विदा किया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

BREAKING