
सरायपाली : स्वामी आत्मानंद स्कूल सरायपाली के प्राचार्य द्वारा अपने चहेते शिक्षक को बचाने उपस्थित पंजी में छेड़छाड़ किया जा रहा है। पूरा मामला यह है कि विद्यालय के शिक्षक गजानन प्रधान विगत कई दिनों से स्कूल आने की बजाय महासमुंद में घुमते नजर आए तथा जिला पंचायत कार्यालय में उन्हें कई बार देखा गया उसके बावजूद स्कूल रजिस्टर में उनकी उपस्थिति भी बराबर चलती रही। पिछले दिनों जब विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिला पंचायत सीईओ द्वारा 180 प्राचार्यों और अन्य अधिकारियों के सामने शिक्षक गजानन प्रधान का नाम लेकर उनकी उपस्थिति/अनुपस्थिति की जांच कराने कहा गया तो आनन-फानन प्राचार्य मनोज पटेल द्वारा अपने चहेते शिक्षक गजानन प्रधान को बचाने के लिए रजिस्टर में सफेदा लगाकर, कई जगहों पर लिपापोती की गई है। अब घटना के इतने दिनों बाद भी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई न होना व्यवस्था को संदेह के घेरे में लाता है। आशंका यह भी है कि कोई सेटिंग कर मामले को दबाया जा रहा हो। गौरतलब है कि शिक्षक गजानन प्रधान पिछले कई दिनों से ऐसा ही कर रहे हैं और प्राचार्य मनोज पटेल का उन्हें पूरा समर्थन मिल रहा है। यदि ऐसा नहीं होता तो किसी भी शिक्षक द्वारा ऐसी अनियमितता करना संभव नहीं होता।
बात यहीं तक नहीं है, प्राचार्य द्वारा अपने चहेते शिक्षक को 14 सीएल भी दिया गया जबकि नियमानुसार 13 सीएल ही मिलते हैं। जब जांच की तलवार लटकी तो सीएल को बड़ी चतुराई से ईएल कर दिया गया जो कि ओवरराइटिंग स्पष्ट दिख रहा है। कुछ जगहों पर दस्तखत पर सफेद भी लगाया गया है। जानकारी के लिए बता दें कि स्वामी आत्मानंद स्कूल योजना पूर्व मुख्यमंत्री का गोल्डन सपना था जिसे सरायपाली में प्राचार्य द्वारा अपने करीबी और चहेते शिक्षक गजानन प्रधान को बचाने के लिए चकनाचूर किया जा रहा है। अब खबर लगने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि संबंधित लोगों पर विभाग क्या कार्यवाही करती है।




