
महासमुंद/सरायपाली : अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के बैनर तले यादव भाईयों द्वारा उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के दान्दर पुर गाँव में घटित घटना के विरोध में एस डी एम कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया। यह ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू एवं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नाम एस डी एम को ज्ञापन सौंपा गया। जिस प्रकार से कथा वाचक मुकुट मनी यादव एवं संतराम यादव के साथ अमानवीय घटना को कुछ लोगों द्वारा अंजाम दिया गया है। वह अत्यन्त ही खेद जनक एवं निंदनीय है। इस घटना की जितनी निंदा की जाए उतनी कम है। दान्दरपुर की इस घटना में सिर्फ दो चार लोगों को जेल के अंदर डालने से काम नहीं चलेगा। मीडिया से यह स्पष्ट दृष्टि गोचर हो रहा है कि उक्त घटना को अंजाम देने में उस गाँव के सैकड़ों महिला पुरुष शामिल रहे हैं। योगी सरकार एवं प्रशासन को चाहिए कि मीडिया में दृष्टि गोचर हो रहे तमाम लोगों के ऊपर एक बड़ी और कड़ी कार्यवाही करके भारत वर्ष के अंदर सभी समाजों के मध्य सामाजिक ताना , बाना एवं भाईचारा का सौहार्द पूर्ण वातावरण बरकरार रखा जा सके। आज हम सभी भारतीय इक्कीसवी सदी में जी रहे हैं। और भारत जैसे लोकतांत्रिक देश जहाँ सभी को संविधान सम्मत समानता का अधिकार प्राप्त है। उस राष्ट्र में आज भी इस तरीके की दकियानुसी विचारधारा के साथ लोग व्यवहार प्रदर्शन कर रहे हैं। यह अत्यन्त चिंता जनक है। आज भारत वर्ष के अंदर किसी भी प्रकार के व्यापार या व्यवसाय पर किसी समाज या जाति का एकाधिकार नहीं रह गया है। हर वह व्यक्ति जो विधि मान्य ढंग से शास्त्रो का कर्म कांड का ज्ञान रखता है। उनको व्यास पीठ पर बैठने का भी अधिकार है। इस राष्ट्र के अंदर कोई भी जाति यह नहीं कह सकता कि इस व्यवसाय या कार्य पर सिर्फ मेरी जाति के लोगों का अधिकार है। और यदि कथा वाचक के यादव होने की जानकारी प्राप्त हुई तो कथा वाचक से पाठ रुकवा देना था। ब्राह्मण नहीं है और कथा वाचक बना यह कहकर उन दोनों कथा वाचको के साथ जिस ढंग से मारपीट, मुंडन एवं मूत्र विसर्जन कर उनके मान मर्यादा का मर्दन किया गया। एवं यादव समाज को नीचा दिखाने का प्रयास किया गया। यह भारतीय हिंदू समाज के लिए अत्यन्त खेद जनक है। भारत वर्ष के सभी जाति एवं वर्ण के लोगों को इस घटना को बहुत ही गंभीरता से लेते हुए दोषी लोगों के खिलाफ आवाज उठाना चाहिए। एवं उनका निंदा किया जाना चाहिए। क्योंकि यह अपमान केवल यादव समाज का नहीं है। अपितु भारत वर्ष के अंदर निवास रत 70 से 80 प्रतिशत की आबादी जिसमें दबे कुचले, गरीब, मजदूर, दलित, और पिछड़ी जाति के लोग शामिल हैं। उन सभी का अपमान है। इस तरह के कुकृत्य भारतीय समाज में कदापि बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। समाज के अन्य संगठनो के यादव भाईयों ने भी आज के ज्ञापन कार्य क्रम में भाग लेकर सहयोग प्रदान किया। आज के विरोध प्रदर्शन एवं ज्ञापन कार्यक्रम में अखिल भारत वर्षीय यादव महासभा के वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष मीडिया प्रभारी नरेन्द्र कुमार यादव, कार्यकारी जिला अध्यक्ष पवन यादव ,जय यादव, दिनेश कुमार यादव , गणेश यादव, संजू यादव, राजेंद्र कुमार यादव राजू, तुषार यादव, मयंक यादव, ओंकार यादव, दिव्य यादव, ऋषि यादव, अंजू कुमार यादव आदि यादव समाज के बंधु जन मौजूद थे।




