सरायपाली

कवर्धा में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन में शामिल हुईं क्षेत्रीय विधायक चातुरी नंद

लोहारीडीह की घटना छत्तीसगढ़ पुलिस की लापरवाही का नतीजा : चातुरी नंद

सरायपाली: लोहारीडीह कांड और लचर कानून व्यवस्था के खिलाफ कवर्धा में कांग्रेस पार्टी द्वारा आयोजित धरना प्रदर्शन कार्यक्रम में सरायपाली विधायक चातुरी नंद शामिल हुईं।

इस संबंध में मीडिया को जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी द्वारा लोहारी डीह कांड और प्रदेश में पुलिस की दमन पूर्वक की जा रही कार्रवाई और बढ़ती अपराधिक घटनाओं के विरोध में एक दिवसीय धरना और गृह मंत्री के कार्यालय घेराव किया गया था जिसमें कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज और पूर्व सीएम भूपेश बघेल जी और वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में कार्यकर्ता साथियों द्वारा गृहमंत्री कार्यालय का घेराव किया गया।

उन्होंने कहा कि भाजपा की दस माह की सरकार में आए दिन रेप की घटनाएं घट रही है, दोहरे हत्याकांड हो रहे है,लूटपाट की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हो रही है लेकिन मुख्यमंत्री और गृहमंत्री हाथ पर हाथ धरे बैठे है। लोहारी डीह कांड में खुद गृह मंत्री मृतक की बेटी को धमका रहे है वहीं पुलिस मामले को दबाने में जुटी रही है जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की पुलिस ने लोहारीडीह के शिवप्रसाद उर्फ कचरू साहू की हत्या के मामले में चार लोगों की गिरफ्तार किया है। मध्यप्रदेश पुलिस ने यह माना कि कचरू साहू की हत्या हुई थी। इस मामले में मध्यप्रदेश की पुलिस की कार्यवाही से साफ हो गया कि छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरती थी, उसने हत्या को आत्महत्या बताने का षड़यंत्र रचा था जिसके परिणाम स्परूप लोहारीडीह में जन आक्रोश भड़का और रघुनाथ साहू को उसके घर में जिंदा जला कर मार डाला गया। रघुनाथ साहू की हत्या के बाद पुलिस की कार्यवाही और पुलिस की कस्टडी में तथा पुलिस की मारपीट से प्रशांत साहू की मौत हो गयी। इस प्रकार छत्तीसगढ़ पुलिस की लापरवाही से लोहारीडीह में तीन लोगों की जान गयी। लोहारीडीह में हुई मॉब लीचिंग की घटना के लिये गृहमंत्री एवं पुलिस के अधिकारी, कर्मचारी जिम्मेदार है। पुलिस प्रशासन ने लोहारीडीह दी की घटना में अपनी नाकामी पर पर्दा करने के लिए गांव के 167 सहित अन्य लोगों को अपराधी बनाया है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है।

पहले भी कहा था ये आत्महत्या नहीं हत्या थी, यह मध्य प्रदेश पुलिस ने साबित किया। गृह मंत्री और छत्तीसगढ़ पुलिस ने इस मामले को क्यों दबाया? लोहारडीह में हुई तीनों मौत रुक सकती थी, इसके जिम्मेदार गृह मंत्री है। आखिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट कैसे बदला गया, इसका जिम्मेदार कौन है? सरकार की कई नाकामियों को दबाने प्रशासन में विभाग को दांव पर लगा दिया। सरकार बताये इस मामले पर लीपापोती क्यों की गई? इसके इशारे पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदली गई? दो परिवार को बर्बाद करने का जिम्मेदार कौन? मध्य प्रदेश की पुलिस छत्तीसगढ़ जाकर आरोपियों को ले जाती है लेकिन यहां की पुलिस आरोपियों को बचाने की कोशिश करती है।

मध्यप्रदेश पुलिस के कार्यवाही के उपरांत स्पष्ट हो गया है कि कवर्धा जिला के पुलिस के उच्च अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैया के कारण लोहारीडीह की घटना हुई है।

विधायक नंद ने इन घटनाओं के लिए गृह मंत्री का दोषी ठहराते हुए उनका इस्तीफा मांगा है। अगर गृह मंत्री इस्तीफा नहीं देते है तो मुख्यमंत्री उनको बर्खास्त करे।

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