

महासमुंद/सरायपाली : बता दें कि शासकीय कर्मचारी के व्दारा किसी भी प्रकार व्यापार और व्यापार का प्रचार वर्जित माना जाता है, इस संदर्भ में मामला महासमुन्द जिला के विकासखण्ड सरायपाली में प्राथमिक शाला बस्तीसरायपाली में पदस्थ सहायक शिक्षक राजेश प्रधान के व्दारा हर्बल लाईफ खाद्य पदार्थ का विक्रय और प्रचार के सम्बन्ध संचालक लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़, संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग रायपुर एवं जिला शिक्षा अधिकारी महासमुन्द को शिकायतकर्ता के व्दारा सहायक शिक्षक के विरूद्ध उचित कार्यवाही करने के लिए लिखित शिकायत पूर्व में किया गया था, उक्त सम्बन्ध 01/08/2025 को जिला शिक्षा अधिकारी महासमुन्द के व्दारा तीन सदस्यीय समिति गठित कर जिसमें प्रकाशचंद मांझी, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी सरायपाली, सतीश पटेल, विकासखण्ड स्त्रोत समन्वयक सरायपाली, जितेन्द्र रावल, व्याख्याता शासकीय हाईस्कूल बारोडोली सरायपाली को टीम बनाकर जांचकर प्रतिवेदन अविलंब उपलब्ध करने के लिए आदेश दिया गया है, नियम अनुसार शासकीय सेवक को निजी व्यापार या किसी व्यापार का प्रचार वर्जित रखा गया है क्योंकि इससे कर्मचारी को शासन के व्दारा दिए कार्य इससे प्रभावित हो सकता है और शासकीय सेवक से आम जनता कर्मठता से कार्य का अपेक्षा रहती है, शिक्षा मानव का मूल अधिकार है और मानव समाज ही शिक्षा से वंचित हो जाएं तो एक विकसित समाज की कल्पना करना असम्भव है, शिक्षा देने कार्य शिक्षक है और शिक्षा देने जैसे पद का अगर जांच में दुरुपयोग पाया जाता है तो इसमें कठोर कार्यवाही होनी चाहिए।




