
महासमुंद/सरायपाली : शास.उच्च प्रा.शाला रिमजी में आयोजित पालक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) में एक नई पहल के साथ बैठक रखा गया, जिसमें 70 प्रतिशत से अधिक पालकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, अधिकांश बच्चों के माता व पिता दोनों उपस्थित होकर अपने बच्चों के शिक्षण योजना में सहभागी हुए । ग्रामीण क्षेत्र में अपने निजी काम से व्यस्तता के बावजूद, पालकों ने अपने काम-धंधे छोड़कर बच्चों की शैक्षिक प्रगति पर चर्चा के लिए समय निकाला ।
संस्था के प्रधान पाठक ओमप्रकाश साव ने बताया कि पालकों को शिक्षक कमल नारायण भोई, डोलामणी चौहान और रामेश्वर प्रसाद पटेल सभी के द्वाराआमंत्रण पत्र भेजा गया था पालक संपर्क कर किया गया था, जिसमें प्रत्येक पालक को अलग-अलग समय स्लॉट आवंटित किए गए थे । इस व्यवस्था के कारण पालक अपने बच्चों के साथ निर्धारित समय पर उपस्थित हुए, जिससे भीड़ नहीं हुई और बेहतर माहौल में खुली चर्चा संभव हो सकी । प्रत्येक पालक के लिए 10 मिनट की कार्ययोजना बनाई गई थी और
सभी शिक्षको के सहयोग से बच्चों का तिमाही आकलन कर परीक्षाफल तैयार किया गया था तथा बच्चों से संबंधित सभी सर्वेक्षण व जानकारियाँ पूर्व से निर्धारित फार्मेट में एकत्रित कर ली थीं, जिसमे बच्चों का शैक्षणिक प्रदर्शन, पढ़ाई में रुचि, होमवर्क/ अभ्यास, विषय की समझ, समस्या समाधान क्षमता, रचनात्मक गतिविधियों में भागीदारी, प्रश्न पूछने और उत्तर देने का आत्मविश्वास, समय प्रबंधन, सामाजिक व्यवहार, स्वच्छता व आदतें, स्वास्थ्य और पोषण आदि के लिए रुब्रिक्स तैयार किया गया था।आधार, पेन, जाति, अपार, और बैंक खाता जैसे अभिलेखों का सत्यापन भी किया गया।
अंत में अभिभावक की राय एवं सुझाव बच्चों के लिए एवं शिक्षकों के लिए भी लिया गया।दो अलग-अलग टेबल्स के माध्यम से प्रत्येक पालक से 10 मिनट की गहन चर्चा कर बच्चों की प्रगति के लिए कार्ययोजना बनाई गई।
शिक्षकों द्वारा पालकों के साथ व्यक्तिगत चर्चा और स्वास्थ्यगत योजनाओं की इस अनोखी गतिविधि की समिति के सदस्यों ने जमकर सराहना की है । यह पहल बच्चों की शैक्षिक और स्वास्थ्यगत गुणवत्ता बढ़ाने तथा स्कूल-समुदाय के बीच सहयोग को मजबूत करने में अच्छा उदाहरण है।
इस कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष बलदेव प्रधान एवं उपाध्यक्ष सहित अन्य सदस्यों की उपस्थिति रही जिनके देखरेख में यह कार्य संपन्न हुआ।




