महासमुंद

महासमुंद जिले में अब तक कुल 313764 मीट्रिक टन धान की खरीदी

कुल 230 प्रकरणों में 29,800 क्विंटल धान जप्त, 54 हजार किसानों को 743 करोड़ रुपए भुगतान

महासमुंद : राज्य सरकार के मंशानुरूप महासमुंद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और सुचारूता के साथ निरंतर जारी है। जिले के 182 धान उपार्जन केंद्रों में आज दिनांक तक कुल 3,13,764 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।  किसान समर्थन मूल्य पर धान का उचित दाम मिलने से उत्साहित है तथा खरीदी व्यवस्था से संतुष्ट हैं। ऑनलाइन एवं ऑफलाइन टोकन कटाकर किसान उपार्जन केन्द्रों में धान विक्रय करने उत्साहपूर्वक पहुंच रहें हैं। अब तक जिले के 54 हजार किसानों के खाते में 16 बैंक शाखाओं के माध्यम से 743 करोड़ 75 लाख 55 हजार रुपए हस्तांतरित कर दिया गया है।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार खरीदी व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन, सहकारिता, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिला स्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। सभी उपार्जन केंद्रों में केंद्रीय मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से प्रतिदिन खरीदी का आंकड़ा ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है। जिसमें 39 प्रकरणां में से 35 का समाधान तत्काल कर लिया गया है। अधिकारियों द्वारा औचक निरीक्षण कर गुणवत्तापूर्ण तुलाई, उचित व्यवस्था तथा किसानों को सुचारू सेवा सुनिश्चित की जा रही है। निगरानी दलों को 24×7 सक्रिय रखा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल कार्रवाई किया जा सके। राइस मिलों को मिलिंग क्षमता के अनुसार धान उठाव, भंडारण और सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं। खरीदी केंद्रों से धान उठाव की प्रक्रिया भी जारी है।

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने जिले में धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शिता से चलाने हेतु अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में अब तक अवैध धान परिवहन, भंडारण एवं विक्रय से जुड़े 230 प्रकरण दर्ज किए गए। कुल प्रकरणों में संयुक्त टीम राजस्व, मंडी, सहकारिता एवं पुलिस विभाग द्वारा 29,800 क्विंटल धान जप्त किया गया है। जिसमें महासमुंद जिला छत्तीसगढ़ राज्य में अग्रणी स्थान पर है। जिले के प्रमुख मार्गों, अंतर्राज्यीय जांच चौकी, राइस मिलों और उपार्जन केंद्रों में लगातार निरीक्षण एवं सख्ती से निगरानी की जा रही है। प्रशासन द्वारा बताया गया है कि धान उपार्जन अवधि में किसी भी प्रकार का अवैध भंडारण, परिवहन या अनुचित गतिविधि पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। ताकि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू रूप से संचालित हो सके।

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