
सरायपाली : शासन के निर्देशानुसार नवीन पाठयपुस्तक पर आधारित कला शिक्षा पर आधारित संगीत शिक्षा का आयोजन शास आदिवासी कन्या आश्रम डुडूमचुवाँ में सुरक्षित शनिवार के दिन किया गया,जिसमें हारमोनियम पर कथावाचक और स्कूल में पदस्थ सहायक शिक्षक डिंगर दास वैष्णव,तबला पर मधु पटेल,झुमका पर छेड़ू राम पटेल का सहयोग रहा।शिक्षक सुन्दर लाल डडसेना ने बताया कि शासकीय प्राथमिक शाला में संगीत कक्षा का आयोजन छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है, जिसमें बच्चों को संगीत कला सीखने, ताल/लय के साथ गाने, वाद्य यंत्रों का परिचय, और सांस्कृतिक संगीत सिखाने पर ध्यान दिया गया, इस कार्यशाला से बच्चों में आत्मविश्वास और रचनात्मकता विकसित होता है, उन्हें पढ़ाई में भी मदद मिलती है, क्योंकि संगीत भावनाओं और गणित-विज्ञान जैसी अवधारणाओं को समझने में सहायक होता है।इस कार्यशाला में मुख्य रूप से संगीत के प्रारंभिक ज्ञान और अवधारणाओं को वाद्य यंत्रों की सहायता से समझाने का प्रयास किया गया।इस अवसर पर प्रधान पाठक कु.अंजनी चौहान ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशाला बच्चों में संगीत के प्रति रुचि बढ़ाएगी और उन्हें कला सीखने में मददगार होगी,उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस तरह की कार्यशाला कर बच्चों के सर्वांगीण विकास करने में सहयोग प्रदान करेंगे।इस कार्यशाला में मुख्य रूप से कु अंजनी चौहान, डिंगर दास वैष्णव, सुन्दर लाल डडसेना, पिरोबती सागर, मीरा जगत,मधु पटेल, छेड़ू राम पटेल,प्रियंका साव और सुशीला जायसवाल उपस्थित रहे।




