बसनामहासमुंद

मातृशक्ति की साक्षात आराधना: बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने निज निवास एवं पंचमुखी हनुमान मंदिर में कराया कन्या पूजन

बसना। सनातन धर्म और भारतीय पौराणिक परंपरा में शारदीय नवरात्रि की महाअष्टमी तिथि को आदिशक्ति भगवती दुर्गा की कृपा प्राप्ति का सबसे पावन काल माना गया है। शास्त्रों में उल्लेखित है कि देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की साक्षात उपस्थिति बालिकाओं (कन्याओं) में विद्यमान रहती है। इसी पौराणिक मान्यता और गहरी आध्यात्मिक आस्था के अनुरूप महाअष्टमी के पुनीत अवसर पर बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने अपने परिवारजनों के साथ निज निवास में विधिवत् व श्रद्धापूर्वक कन्या पूजन एवं भोजन का आयोजन किया।

सनातन परंपरा का निर्वहन करते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने सर्वप्रथम माता रानी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके उपरांत उन्होंने माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानी जाने वाली नौ कन्याओं का अपने गृह प्रांगण में आत्मीय स्वागत किया। विधायक डॉ. अग्रवाल ने स्वयं जल से सभी कन्याओं के चरण पखारे, उन्हें कुमकुम-अक्षत का तिलक लगाया, चरणों में आलता सजाया और श्रद्धापूर्वक लाल चुनरी ओढ़ाई। वैदिक मंत्रोच्चार के भाव के साथ कन्याओं को प्रेमपूर्वक भोजन कराया गया तथा उन्हें दक्षिणा व उपहार भेंट कर चरण स्पर्श करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान संपूर्ण वातावरण देवी भजनों और जयकारों से गुंजायमान रहा।

निज निवास पर कन्या पूजन संपन्न करने के पश्चात विधायक डॉ. संपत अग्रवाल क्षेत्र के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल ग्राम भगतदेवरी स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर पहुंचे। यहाँ उन्होंने मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त श्री पंचमुखी हनुमान जी का विशेष अभिषेक और पूजन-अर्चन कर क्षेत्रवासियों के मंगलमय जीवन की कामना की। इसके उपरांत मंदिर परिसर में भी उन्होंने नौ कन्याओं को आदरपूर्वक भोजन कराया, उनके चरण वंदन किए और उनका आशीष प्राप्त किया। पौराणिक संदर्भों में हनुमान जी को माता जगदंबा का अनन्य सेवक और रक्षक माना गया है,ऐसे में महाबली के प्रांगण में कन्या पूजन का यह दृश्य अत्यंत आध्यात्मिक और भक्तिमय प्रतीत हुआ।

कन्या पूजन संपन्न होने के बाद विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने अपने भाव व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में कन्या केवल बालिका नहीं, बल्कि साक्षात जगज्जननी जगदंबा, मां महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती का प्रत्यक्ष स्वरूप हैं। ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:’ के अमर संदेश का जीवंत प्रमाण ही कन्या पूजन है। जब हम कन्याओं के चरण पखारते हैं, तो वास्तव में हम उस पराशक्ति के सम्मुख नतमस्तक होते हैं जिसने इस पूरे चराचर जगत को धारण किया हुआ है। आज इन देवियों के चरणों में शीश झुकाकर मुझे असीम आत्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति हुई है।

कार्यक्रम के उपरांत मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि शारदीय नवरात्रि मात्र उपवास या अनुष्ठान का पर्व नहीं, बल्कि मातृशक्ति के संवर्धन, उनके सम्मान और आत्म-चिंतन का महापर्व है। आज की अष्टमी तिथि शक्ति के प्रकटीकरण का दिन है। समाज तभी सशक्त और समृद्ध बन सकता है जब हम हर बेटी, बहन और माता के सम्मान व सुरक्षा को अपना सर्वोच्च धर्म मानेंगे। मैंने माँ भवानी और संकटमोचन पंचमुखी हनुमान जी से प्रार्थना की है कि हमारे बसना विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक नागरिक का जीवन निरोगी, खुशहाल और संपन्न रहे। क्षेत्र निरंतर विकास के नए आयाम स्थापित करे और समाज में आपसी समरसता एवं प्रेम का संचार हो।

इस पावन अवसर पर उनके परिवार के सदस्यों के साथ-साथ क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, श्रद्धालु और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने इस भक्तिमय आयोजन में सहभागिता की।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

BREAKING