प्रतिभा कॉलेज ऑफ एजुकेशन के विद्यार्थीयों ने किया विशाखापट्टनम का शैक्षणिक भ्रमण

सरायपाली : प्रतिभा कालेज ऑफ एजुकेशन बालसी के द्वारा बी. एड. द्वितीय वर्ष के विद्यार्थीयों को दिनाँक 17.01.2025 से 19.01.2025 तक दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया | यह दौरा विशाखापट्टनम का किया गया | जिसमे पहले दिन विजाग समुद्र तट पर लिया गया जहाँ पर सुरम्य समुद्र के लहरों का आनंद लिया गया और यहाँ पर सूर्योदय और सूर्यास्त का दृश्य मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है। तट पर कई कैफे और रेस्टोरेंट हैं, जहाँ आप ताजगी भरे समुद्री भोजन का आनंद लियागया । उसके पश्चात् धार्मिक स्थल ऋषिकोंडा के शिखर पर स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर में लिया गया , समुद्र तट के सामने स्थित यह परिसर एक मनोरम दृश्य प्रस्तुत करता है ,उसके बाद कैलासगिरि लिया गया , कैलासगिरि एक छोटी सी पहाड़ी का नाम है जिस पर एक खूबसूरत पार्क बना है। इस पार्क की चोटी पर शिव-पार्वती की धवल प्रतिमा आपका स्वागत करती है। पहाड़ी से एक दिशा में विशाखापट्टनम का विहंगम दृश्य नजर आता है। चारों और हरियाली और ऊपर साफ नीला आकाश देखने लायक दृश्य बनता है, जो की एक प्राकृतिक मनमोहक दृश्य रहा , एवं शाम होने के पश्चात म्यूजियम घुमाया गया जिसमे पहले INS कुरुसुरा पनडुब्बी संग्रहालय, जो राम कृष्ण के समुद्र तट पर स्थापित एक संग्रहालय है। INS कुरुसुरा वर्ष 1969 में रूसियों द्वारा निर्मित एक पनडुब्बी है, आईएनएस कुरुसुरा ने 31 वर्षों तक भारतीय नौसेना की सेवा की और फिर इसे 2001 में सेवामुक्त कर दिया गया और एक संग्रहालय में बदल दिया गया, उसके बाद टीयू 142 नेवल एयरक्राफ्ट म्यूजियम लिया गया , TU 142 नेवल एयरक्राफ्ट म्यूजियम में एक प्रदर्शनी हॉल है जहाँ आप बहुत सारे उपकरण देख सकते हैं जैसे कि सर्वाइवल किट, इंजन, डेटा रिकॉर्डर, प्रोपेलर, एंटी-सबमरीन मिसाइल और सोनोबॉय। विमान के इन सभी उपकरणों और भागों को विस्तार से प्रदर्शित किया गया है ताकि आप विमान के बारे में पर्याप्त जानकारी प्राप्त कर सकें , इतिहास के शौकीनों और नौसेना के लोगों के जीवन के बारे में सब कुछ जानने में रुचि रखने वाले अनुभव चाहने वालों के लिए एक सुखद अनुभव प्रदान करता है और उनके बारे बहुत सारी रोचक तथ्यों की जानकारी भी मिली | उसके पश्चात दूसरे दिन सिंहाचलम मंदिर लिया गया, जब हिरण्यकश्यप का अत्याचार हद से अधिक बढ़ गया तो भगवान विष्णु ने उसका संहार करने के लिए नरसिंह अवतार लिया। भगवान नरसिंह ने हिरण्यकश्यप का वध किया और अपने अनन्य भक्त प्रह्लाद की रक्षा की। इसके बाद ही सिंहाचल पर्वत पर प्रह्लाद ने ही भगवान नरसिंह को समर्पित मंदिर की स्थापना की यह एक प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है , उसके बाद रामनारायणम आध्यात्मिक पार्क का दौरा किया गया, यह आध्यात्मिक थीम पार्क कई मायनों में अद्वितीय है। इसकी डिज़ाइन हमारी प्राचीन वास्तुकला पर आधारित है, जो हिंदू पौराणिक कथाओं को संरक्षित करता है।यह देश का पहला थीम पार्क है, जो रामायण पर आधारित है। इस पूरे भ्रमण में समस्त प्राध्यापकों के मार्गदर्शन से तथा विद्यार्थियों के योगदान से यह शैक्षणिक भ्रमण बहुत ही सराहनीय और आनंदमय रहा |




