महासमुंद

महासमुंद जिले में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान 15 जून से

3 हजार से अधिक कमार जनजातियों को मिलेगा सीधा लाभ

महासमुंद : केंद्र सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा आदिवासी क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से प्रधानमंत्री जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान ’धरती आबा’ की शुरुआत की गई है। इसी क्रम में महासमुंद जिले में कलेक्टर  विनय कुमार लंगेह के नेतृत्व में इस अभियान के सफल संचालन और आम नागरिकों के बीच व्यापक जागरूकता सुनिश्चित करने के लिए 15 जून से 30 जून तक विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदायों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाना तथा उन्हें सरकारी योजनाओं की मुख्यधारा से जोड़ते हुए समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।

इस अभियान में कमार जनजाति पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। जिले के तीन विकासखंडों के 77 चिन्हांकित ग्रामों में निवासरत लगभग 3271 कमार जनजाति के लोगों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य प्राथमिकता से किया जाएगा। अभियान की पारदर्शिता एवं सफलता सुनिश्चित करने हेतु जिला एवं विकासखंड स्तर पर विशेष निगरानी समितियाँ गठित की गई हैं, जिनकी सतत निगरानी कलेक्टर स्वयं कर रहे हैं। आदिवासी विकास विभाग को इस अभियान का नोडल विभाग नियुक्त किया गया है, जो अन्य सभी विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य का संचालन कर रहा है।

जिले के पांचों विकासखंडों के 308 चयनित ग्रामों में शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिनके माध्यम से केंद्र सरकार के 18 मंत्रालयों की 25 जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुँचाया जाएगा। महासमुंद के 25, बागबाहरा के 33, पिथौरा के 210, बसना के 24 और सरायपाली के 16 ग्रामों में लगने वाले इन शिविरों के माध्यम से हितग्राहियों के आधार कार्ड, राशन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, प्रधानमंत्री किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, जनधन योजना, सामाजिक सुरक्षा अंतर्गत वृद्धा पेंशन योजना, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, नरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, मुद्रा लोन, मातृ एवं शिशु कल्याण लाभ से आच्छादित किया जाएगा। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का उद्देश्य जनजातीय बहुल गांवों और आकांक्षी जिलों में जनजातीय परिवारों के लिए परिपूर्णता कवरेज अपनाकर जनजातीय समुदायों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार करना और उन्हें केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर उनका लाभ दिलवाना है।

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