शासकीय उच्च प्राथमिक शाला रिमजी में वैज्ञानिक तथ्य पर स्टाल लगाकर मनाया गया बसंत पंचमी

सरायपाली : शासकीय उच्च प्राथमिक शाला रिमजी में आज पदस्थ शिक्षक ओमप्रकाश साव, कमल नारायण भोई, डोलमणी चौहान, रामेश्वर पटेल के मार्गदर्शन में बसंत पंचमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास एवं शैक्षणिक गतिविधियों के साथ अत्यंत भव्य रूप से मनाया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के अभिभावकगण/पालकगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विद्यार्थियों द्वारा बसंत पंचमी के धार्मिक एवं वैज्ञानिक पक्ष को सरल, रोचक तथा प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया, जिससे विद्यालय परिसर ज्ञान एवं उत्साह से परिपूर्ण दिखाई दिया।
विद्यालय में पधारे पालकों का स्वागत बच्चों द्वारा पीला गुलाल लगाकर एवं आत्मीय अभिवादन के साथ किया गया। इसके पश्चात विद्यालय में माँ सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई। विद्यालय परिसर में पीले फूलों से माँ सरस्वती की आकर्षक सजावट की गई, जिससे वातावरण पूर्णतः भक्तिमय एवं आनंदमय हो उठा।
कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा “बसंत पंचमी के पीछे का विज्ञान”, “बसंत ऋतु में मौसम परिवर्तन”, “रबी फसलों (गेहूँ-सरसों) के पकने का कारण”, तथा “पीले रंग का महत्व” जैसे विषयों पर स्टॉल लगाकर प्रदर्शन किया गया। बच्चों ने चार्ट, मॉडल एवं चित्रों के माध्यम से जानकारी प्रस्तुत की, जिसे उपस्थित पालकों ने खूब सराहा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा भजन, सरस्वती वंदना एवं गीत गायन की प्रस्तुति दी गई।
उसके पश्चात पालक-शिक्षक बैठक का आयोजन किया गया । बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति की समीक्षा कर विद्यालय एवं पालक के बीच समन्वय स्थापित करना रहा।
बैठक के दौरान पालकों ने अपने बच्चों की अर्धवार्षिक परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का निरीक्षण/अवलोकन किया तथा परिणाम, लेखन-शैली एवं सुधार के बिंदुओं पर शिक्षकों से चर्चा की। इस अवसर पर पालकों द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए तथा बच्चों की पढ़ाई में नियमितता एवं सुधार हेतु सुझाव भी दिए गए।
विद्यालय के शिक्षकों द्वारा पालकों को विभिन्न आवश्यक विषयों पर जानकारी प्रदान की गई। इसमें विद्यार्थियों के बैंक खाता खुलवाने, अपार आईडी हेतु आधार कार्ड में सुधार/संशोधन संबंधी कार्यवाही की जानकारी दी गई। साथ ही शिक्षकों द्वारा पालकों को यह भी समझाया गया कि बच्चों की पढ़ाई के लिए घर पर अनुकूल वातावरण बनाना आवश्यक है।
बैठक में पालकों से यह भी अनुरोध किया गया कि वे घर में बच्चों की दैनिक गतिविधियों (पढ़ाई, होमवर्क, समय-प्रबंधन, अनुशासन आदि) पर सतत निगरानी रखें तथा विद्यालय द्वारा दिए गए प्रारूप/रजिस्टर में आवश्यक जानकारी दर्ज करें, ताकि विद्यार्थियों की नियमित प्रगति का मूल्यांकन किया जा सके।




