
महासमुंद/सरायपाली : छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार ने आज विधानसभा में राज्य का ऐतिहासिक बजट पेश किया। वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का यह बजट न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला है, बल्कि इसमें समाज के हर वर्ग के लिए ‘ज्ञान और गति’ का स्पष्ट रोडमैप दिखाई देता है। 1.72 लाख करोड़ रुपये के विशाल आकार वाला यह बजट छत्तीसगढ़ को आने वाले वर्षों में विकसित राज्यों की श्रेणी में खड़ा करने का ठोस संकल्प है।
वित्त मंत्री ने बजट को ‘संकल्प’ (SANKALP) की विशेष थीम पर आधारित किया है, जो सात प्रमुख स्तंभों पर टिका है:
- S (Inclusive Development): समावेशी विकास।
- A (Infrastructure): आधुनिक अधोसंरचना।
- N (Investment): निवेश को प्रोत्साहन।
- K (Skilled Human Resources): कुशल मानव संसाधन।
- A (Antyodaya): अंतिम व्यक्ति का उदय।
- L (Livelihood): आजीविका के नए अवसर।
- P (Policy to Outcome): नीतियों का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन।
बजट में शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। राज्य के सुदूर वनांचल क्षेत्रों, विशेषकर जगरगुंडा और अबूझमाड़ में दो नई ‘एजुकेशन सिटी’ बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो बस्तर जैसे क्षेत्रों में शिक्षा की नई क्रांति लाएगा।
युवाओं के लिए सरकार ने सौगातों का पिटारा खोल दिया है। राज्य की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को अब निशुल्क कोचिंग सुविधा प्रदान की जाएगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी छात्र भी प्रशासनिक सेवाओं में अपना भविष्य बना सकेंगे। इसके अतिरिक्त, ‘मुख्यमंत्री दर्शन योजना’ के माध्यम से प्रदेश के युवाओं को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा, ताकि वे अपनी जड़ों से जुड़ सकें।
बजट में अधोसंरचना (Infrastructure) और निवेश पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। ‘अंत्योदय’ के लक्ष्य को साधते हुए सरकार ने समाज के सबसे पिछड़े तबके को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार किया है। वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता के सपनों को साकार करने का एक जरिया है।
प्रखर अग्रवाल जिला महामंत्री भारतीय जनता युवा मोर्चा महासमुंद ने यह बजट छत्तीसगढ़ को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और युवाओं को कौशल संपन्न करने की दिशा में एक साहसिक कदम है। बुनियादी ढांचे में निवेश और शिक्षा पर विशेष जोर यह दर्शाता है कि साय सरकार ‘पॉलिसी से परिणाम’ तक पहुँचने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।




