“हिंदू भावनाओं से खिलवाड़ पड़ा भारी : सस्पेंड हुए महासमुंद के DEO विजय कुमार लहरे, भ्रष्टाचार की भी खुली पोल!”

महासमुंद : छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने एक बड़ा कदम उठाते हुए महासमुंद जिले के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) विजय कुमार लहरे को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और विभागीय कार्यों में गंभीर लापरवाही बरतने के चलते की गई है।
मुख्य कारण: परीक्षा प्रश्न पत्र में आपत्तिजनक सवाल
यह पूरा विवाद चौथी कक्षा की अर्धवार्षिक परीक्षा के अंग्रेजी प्रश्न पत्र से शुरू हुआ। आरोप है कि प्रश्न पत्र में एक सवाल पूछा गया था जिसमें भगवान राम के नाम को कुत्ते के नाम के विकल्प (Option) के रूप में शामिल किया गया था। शासन ने इसे अत्यंत आपत्तिजनक और निंदनीय मानते हुए धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला कृत्य माना है।
निलंबन के अन्य बड़े आधार:
आदेश के अनुसार, विजय कुमार लहरे पर केवल प्रश्न पत्र विवाद ही नहीं, बल्कि कई अन्य गंभीर आरोप भी हैं:
न्यायालय की अवमानना: हाई कोर्ट बिलासपुर में दायर एक याचिका के संबंध में विभागीय आदेशों की अनदेखी करना और समय पर अपील दायर न करना।
वित्तीय अनियमितता: ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार, उनके कार्यकाल के दौरान विभागीय लेखाओं (Accounts) के रख-रखाव में गंभीर वित्तीय गड़बड़ियाँ पाई गई हैं।
अनुशासनहीनता: अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में स्वेच्छाचारिता और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन।
नया प्रभार और मुख्यालय
निलंबन की अवधि के दौरान श्री लहरे का मुख्यालय संभागीय संयुक्त संचालक (शिक्षा संभाग), रायपुर नियत किया गया है। वहीं, महासमुंद जिला शिक्षा अधिकारी का अतिरिक्त प्रभार श्री बी.एल. देवांगन (प्रभारी उप संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय) को सौंपा गया है।
यह आदेश छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से अवर सचिव संगीता भोला द्वारा जारी किया गया है।




