किसान, युवा, महिला और आम जन का ख्याल रखना छोड़ शराबियों के “मनपसंद” का ख्याल रख रही साय सरकार : चातुरी नंद
शराबियों के लिए मनपसंद ऐप शुरू करने पर भाजपा सरकार को कांग्रेस विधायक ने जमकर कोसा

सरायपाली: प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा शराबियों के लिए मन पसंद ऐप शुरू करने और रेस्टोरेंट और ढाबों में शराब परोसे जाने के निर्णय पर सरायपाली विधायक चातुरी नंद ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए साय सरकार पर तीखे सवाल दागे है।
विधायक चातुरी नंद ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा कि भाजपा सरकार शराब के ब्रांड की उपलब्धता के लिये मनपसंद एप तैयार की है। सरकारी दफ्तर में काम काज की मानिटरिंग का कोई एप नहीं है लेकिन शराब की ब्रांड के लिये सरकार ने एप बना लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से पूछा है कि विधायक नंद ने सीएम से पूछा महिलाओं की सुरक्षा के लिए, किसानों की समस्याओं के निराकरण हेतु, युवाओं को रोजगार देने अपने 10 माह के कार्यकाल में कितने ऐप शुरू किए है ? विधायक नंद ने कहा कि साय सरकार को शराबियों की तो चिंता है लेकिन प्रदेश के किसानों, महिलाओं और युवाओं की कोई चिंता नहीं है।
कांग्रेस विधायक नंद ने रेस्टोरेंट और ढाबों में शराब परोसे जाने के निर्णय पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कई सवाल दागे है। उन्होंने कहा कि साय सरकार शराब की काली कमाई के लिये प्रदेश में शराब की खपत बढ़ाने में लगी है। विपक्ष में रहते शराबबंदी को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करने वाले भाजपाई अब शराब बिक्री के पैरोकार बन गये है। शराब बंदी को लेकर पांच सालों तक हल्ला मचाने वाले भाजपाई बतायें शराबबंदी कब होगी? भाजपा के हर छोटे बड़े नेता ने जनता के बीच घूम-घूम कर शराबबंदी के लिये बढ़ चढ़कर बातें किया था। सरकार में आने के बाद सरकार और भाजपाईयों दोनों के जुबान पर ताला लग गया है।
विधायक नंद ने कहा कि पहले एयर कूल्ड आहाते बनाकर शराब बिक्री को बढ़ावा दिया गया। आहाते आबंटन में बड़ा घोटाला साय सरकार ने किया है। आहातों के नाम पर सरकार शराब की काली कमाई में लगी हुई है। पूरे प्रदेश में कुछ लोगो को चिन्हांकित कर आहाते आवंटित किये गये है। प्रभावशाली भाजपा नेताओं के अनुशंसा पर आहाते आवंटित किये गये है। भाजपा सरकार के राज में शराब की कोचियागिरी शुरू हो गयी है।
विधायक नंद ने जिले के गली कूचों में अवैध शराब की बिक्री, शराब दुकानों में ओवर रेट बिक्री समेत कई मुद्दों पर भी आबकारी विभाग की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े किए है। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों जिले में आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों के संरक्षण में अवैध शराब बिक्री, शराब दुकानों में ओवर रेट बिक्री जैसे संगीन मामलों में सिर्फ निलंबन की कार्रवाई कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है।
विधायक नंद ने कहा कि 16 गांव के लोगों द्वारा महा पंचायत कर जिला आबकारी उप अधिकारी उत्तम बुद्ध भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी लेकिन जिलेभर में अवैध शराब बिक्री को बढ़ावा देने वाले, ओवर रेट में शराब बिकवाने वाले अफसरों पर आबकारी विभाग और जिला प्रशासन मेहरबान है जिससे भ्रष्ट अधिकारियों के हौसले बुलंद है।
विधायक नंद ने यह भी कहा कि जिस प्लेसमेंट एजेंसी के पास मेन पावर सप्लाई का ठेका है उनके द्वारा जिले के बाहरी लोगों को काम पर रखा गया है जिसमें से किसी का भी पुलिस वेरिफिकेशन नहीं हुआ। परप्रांतीय कर्मचारियों को ठेके पर रखा गया है जिनके द्वारा धड़ल्ले से ओवर रेट में शराब बेचा जा रहा है।




