
महासमुंद/सरायपाली : शिक्षक आने वाले पीढ़ी का भविष्य निर्माण करते हैं, यदि वहीं शिक्षक अपने दायित्व के प्रति लापरवाही करने लगें तो मानव समाज का भविष्य खतरे में आ सकता है, बता दें कि विगत दिनों शिकायतकर्ता के द्वारा सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी पाठकान पंजी (स्टाप उपस्थिति रजिस्टर) और स्वीकृत अवकाश की सत्यप्रमाणित प्रतिलिपि के अनुसार उक्त विकासखण्ड सरायपाली के संकुल टेमरी में स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला छिबर्रा (टेमरी) में पदस्थ शिक्षक ललित कुमार साहू ने 11/07/2025 को एक दिवस का स्वीकृत आकस्मिक अवकाश लिया था फिर भी 11/07/2025 तिथि में पाठकान पंजी (स्टाप उपस्थिति रजिस्टर) में शिक्षक का हस्ताक्षर पाया जो सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के अन्तर्गत स्वेच्छाचारिता में आता है, उक्त सम्बन्ध में शिकायतकर्ता ने दिनांक 01/09/2024 को श्रीमान मुख्य सचिव महोदय, छत्तीसगढ़ शासन रायपुर, श्रीमान संचालक महोदय,लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़, श्रीमान आयुक्त महोदय, संभाग रायपुर छत्तीसगढ़, श्रीमान संभागीय संयुक्त संचालक महोदय, शिक्षा संभाग रायपुर छत्तीसगढ़, श्रीमान अपर कलेक्टर महोदय, सरायपाली जिला – महासमुन्द छत्तीसगढ़, श्रीमान कलेक्टर महोदय, जिला – महासमुन्द छत्तीसगढ़, श्रीमान जिला शिक्षा अधिकारी महासमुन्द छत्तीसगढ़, महोदया अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सरायपाली छत्तीसगढ़, श्रीमान विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी महोदय, विकासखण्ड सरायपाली छत्तीसगढ़, से शिक्षक ललित कुमार साहू के के व्दारा स्वेच्छाचारिता, निरंकुशता, मनमानी ढंग से कार्य करने को लेकर उचित कार्यवाही करने के लिए लिखित शिकायत किया गया है, शिक्षक ललित कुमार साहू के इस कृत्य से अनेक संदेह उत्पन्न होता है, संदेह नम्बर एक – क्या शिक्षक ललित कुमार साहू तीन-चार दिनों में एक बार स्कूल जाता है और पिछला तिथि में एक साथ हस्ताक्षर करता है ? संदेह नम्बर दो – क्या शिक्षक अपने दायित्व प्रति स्वेच्छाचारिता, निरंकुशता, मनमानी ढंग से करता है ? संदेह नम्बर तीन – क्या शिक्षक स्कूल के रिकार्ड को गंभीरता से नहीं लेता ? ऐसे अनेक प्रश्न चिन्ह उठता जो जांच का विषय है और उक्त सम्बन्ध में जांच होने से अनेक तथ्य सामने आने की संभावना है।




