
महासमुंद/सरायपाली : आज 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर सरायपाली का ऐतिहासिक हाई स्कूल मैदान न केवल तिरंगे की आन-बान और शान का गवाह बना, बल्कि उन संघर्षों की यादों से भी सराबोर हो उठा, जिन्होंने देश के लोकतंत्र को बचाने के लिए जेल की सलाखों को चुना था। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार, जिला प्रशासन महासमुंद द्वारा आयोजित भव्य समारोह में आपातकाल के संघर्षशील जनसंघी नेता और ‘लोकतंत्र सेनानी’ श्री जगदीश लाल उबेवेजा को राजकीय सम्मान से विभूषित किया गया।
पिताजी द्वारा देश के लिए किए गए बलिदान का पुरस्कार पाकर आज सम्मानित महसूस कर रहा हूं – राजेंद्र बिपिन उबेवेजा
समारोह के दौरान एक भावुक क्षण तब आया जब वरिष्ठ लोकतंत्र सेनानी जगदीश लाल उबेवेजा का नाम सम्मान के लिए पुकारा गया। ज्ञात हो कि जगदीश लाल उबेवेजा जी वर्तमान में स्वास्थ्य समस्याओं उनकी अनुपस्थिति में, उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने वाले उनके पुत्रों— राजेंद्र विपिन उबेवेजा ने मंच पर उपस्थित होकर अपने पिता का यह ऐतिहासिक सम्मान ग्रहण किया।
प्रशासनिक अमले की उपस्थिति में गरिमामय समारोह
महासमुंद कलेक्टर की विशेष अगुवाई और मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में सरायपाली अनुविभाग के प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी सक्रिय सहभागिता निभाई। मुख्य अतिथि और शासन के प्रतिनिधियों के साथ एसडीएम (सरायपाली) अनुपम आनंद, तहसीलदार श्रीधर पांडा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने जगदीश लाल उबेवेजा के परिवार को शाल, श्रीफल एवं प्रशस्ति पत्र भेंट किया।
मंच पर मौजूद अधिकारियों ने कहा कि जगदीश लाल जी जैसे व्यक्तित्वों का सम्मान करना प्रशासन के लिए गर्व का विषय है। एसडीएम अनुपम आनंद ने अपने संबोधन में कहा कि इस सम्मान समारोह का आयोजन उन व्यक्तियों के योगदान को याद करने के लिए किया गया है जिन्होंने लोकतंत्र के लिए संघर्ष किया।
यह सम्मान समारोह छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करने की पहल का एक हिस्सा है। इस पहल के तहत, उन व्यक्तियों को सम्मानित किया जाता है जिन्होंने आपातकाल के दौरान लोकतंत्र की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस तरह के सम्मान समारोह का उद्देश्य नई पीढ़ी को लोकतंत्र के महत्व और इसे बनाए रखने के लिए किए गए संघर्षों से अवगत कराना है।
सम्मान ग्रहण करने के पश्चात राजेंद्र विपिन उबेवेजा ने कहा कि पिताजी आज अस्वस्थता के कारण स्वयं यहां नहीं आ सके, लेकिन शासन द्वारा उन्हें जो सम्मान दिया गया है, उससे उनका पूरा परिवार गौरवान्वित है। उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार और जिला प्रशासन महासमुंद के प्रति आभार व्यक्त किया।
सरायपाली नगर के हाई स्कूल ग्राउंड में उपस्थित नागरिकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस सम्मान का स्वागत किया। क्षेत्र के लोगों ने जगदीश लाल उबेवेजा के योगदान को याद किया और कहा कि उनके संघर्षों ने क्षेत्र के लोगों को प्रेरित किया है।
यह सम्मान समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि नई पीढ़ी के लिए एक प्रेरणा का स्रोत था। यह इस बात का प्रतीक था कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए किया गया त्याग और संघर्ष हमेशा याद रखा जाएगा और सम्मानित किया जाएगा। महासमुंद जिले के प्रशासनिक इतिहास में यह गणतंत्र दिवस एक ऐसे दिन के रूप में दर्ज हो गया है, जब शासन ने उन व्यक्तियों की सेवाओं को नमन किया जिन्होंने लोकतंत्र के लिए योगदान दिया।




