
महासमुंद/सरायपाली : दिन-प्रतिदिन विलुप्त हो रही वैदिक शिक्षा पद्धति को जीवित रखने एक मात्र संस्था गुरुकुल है जो हमारे भावी पीढ़ी को मानवीय मूल्यों के विकास के साथ-साथ संस्कार, संस्कृति शिक्षा पर पुरजोर प्रयास करती है। इसी उद्देश्यों को धरातल में क्रियान्वित करने के लिए महासमुन्द जिला के सरायपाली विकासखण्ड का एकमात्र गुरुकुल जो ग्राम कटंगपाली में स्थित है, जो शिष्यों को वैदिक शिक्षा, संस्कार शिक्षा, संस्कृति शिक्षा, आत्मरक्षा शिक्षा, आत्मनिर्भर शिक्षा, आत्मबल शिक्षा, मनोबल शिक्षा देने के दिशा में निःस्वार्थ भाव से काम कर रही है। कम से कम शुल्क लिए अर्थात् समाजसेवा, लोकहित, परमार्थ के उद्देश्य लेकर बच्चों को शिक्षा प्रदान किया जा रहा है, यह गुरुकुल आवासीय गुरुकुल है इसमें सैकड़ों किलोमीटर से दूर-दूर के बच्चे रहकर वैदिक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इस गुरुकुल में ऐसे बच्चे भी शिक्षणरत बच्चे हैं जिनका इस दुनिया में कोई नहीं है अर्थात् अनाथ बच्चों भी हैं। इस गुरुकुल को संचालित करने के लिए समय-समय पर संचालन कार्यकारिणी का गठन संशोधन किया जाता है, इसी परिप्रेक्ष्य में आज संचालन कार्यकारिणी समिति का गठन सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। स्वामी रविन्द्र दास अध्यक्षता वाली इस संचालन समिति में उपाध्यक्ष आचार्य महावीर सिंह, उपाध्यक्ष देवराज मिश्रा, उपाध्यक्ष किशोर रथ, संचालक आचार्य ऋषिराज आर्य सरस्वती देवी सचिव, सह सचिव निलाम्बर कश्यप, कोषाध्यक्ष विश्वनाथ पटेल, पुस्तकाध्यक्ष महेंद्र पसायत, समन्वयक जन्मजय नायक, सह समन्वयक अनंतराम कर, सांस्कृतिक प्रभारी आनंद भोई, सह सांस्कृतिक प्रभारी किशोर प्रधान, प्रबंधक शंखनाद यादव, सह प्रबंधक एवं मीडिया प्रभारी पुरूषोत्तम प्रधान, संयोजक सरोज डडसेना, संयोजक दशरथ पटेल, संयोजक विवेक शर्मा, सह संयोजक रामलाल दास, सह संयोजक सूरज सेठ, सह संयोजक नंदलाल यादव और संचालन कार्यकारिणी समिति में सदस्य के दायित्व में अर्जुन कुजुर, गायत्री पटेल, सतीश अग्रवाल, आशीष डडसेना, स्वामी रामलाल दास, संपत जाल, विकास महापात्र, सहदेव मुनी वानप्रास्थी, भागीरथी प्रधान, राजेन्द्र भोई अन्य सदस्य गण एवं पालक संघ का अध्यक्ष भी पालकों के बीच से बनाया गया। इस बैठक में शिक्षाणर्थीयों के माता-पिता, बहन, मातृ शक्ति के साथ समीपवर्ती गांवों के ग्रामीण जन, गणमान्य नागरिक, वरिष्ठ जन एवं गुरुकुल से जुड़े सम्माननीय व्यक्ति उपस्थित थे।




