
सरायपाली : स्थानीय शुभा नर्सिंग होम के डॉक्टरों ने एक बार फिर अपनी कार्यकुशलता का परिचय देते हुए एक अत्यंत जटिल मामले में 32 वर्षीय महिला की जान बचाने में सफलता हासिल की है। ग्राम सराईपतेरा निवासी रमिला यादव को ‘एक्टोपिक प्रेगनेंसी’ (गर्भाशय के बाहर गर्भ का ठहरना) फटने के कारण बेहद गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था।

क्या था मामला?
मरीज जब अस्पताल पहुँची, तब गर्भ के फटने के कारण उनके पेट के भीतर अत्यधिक आंतरिक रक्तस्राव (Internal Bleeding) हो रहा था। ऐसी स्थिति में शरीर में खून की भारी कमी हो जाती है और कुछ ही समय में मरीज की जान जाने का खतरा रहता है।
मरीज की नाजुक हालत को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन के डॉ. सुजाता पटेल एवं डॉ. भागेश्वर पटेल ने बिना समय गंवाए तत्काल जांच के निर्देश दिए। विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए इमरजेंसी ऑपरेशन (Life-Saving Surgery) करने का साहसिक निर्णय लिया।

अनुभवी सर्जनों और कुशल मेडिकल स्टाफ की टीम ने तत्परता दिखाते हुए ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। समय पर सही इलाज मिलने के कारण अब मरीज की जान खतरे से बाहर है। अस्पताल की इस त्वरित सेवा और डॉक्टरों के कौशल की क्षेत्र में सराहना हो रही है।



