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अवकाश दिवस पर बोन्दा स्कूली बच्चों को बिना सुरक्षा के सड़क व कड़ी धूप में नचवाने का मामला, जांच का आदेश

महासमुंद/सरायपाली : माननीय सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट तथा शासन-प्रशासन स्कूली नाबालिग बच्चों के साथ क्रूरता न हो हो इसके लिए कठोर कानून बन रहा है। लेकिन नियमों को धड़ल्ले से अवहेलना होने का घटना दिन-प्रतिदिन होती जा रही है। इस संदर्भ में एक घटना जिला महासमुन्द के विकासखण्ड सरायपाली में स्थित शासकीय उच्च प्राथमिक शाला बोन्दा में घटित हुआ है। बता दें कि 03/04/2026 को गुड फ्राइडे का शासकीय अवकाश था, इस दिन एक साल पहले सेवानिवृत्त हुआ शिक्षक भोजराज पटेल का विदाई कार्यक्रम रखा गया है, मजेदार बात यह है विदाई समारोह को स्कूल परिसर में शालीनता से न करके अध्ययनरत स्कूली बच्चों गणवेश में आने का मौखिक आदेश दें दिया गया।

गणवेश धारी स्कूली बच्चों को चिलचिलाती कड़ी धूप में बिना सुरक्षा से बीच सड़क में नचवाया गया। सेवानिवृत्त हुए शिक्षक भोजराज पटेल महाराज की तरह खुली जीप गाड़ी में बैठ कर सब बच्चों का नाचने का मज़े लें रहा था। महत्वपूर्ण यह है कि जिस बीच सड़क में नाबालिग स्कूली बच्चों को नचवाया जा रहा था, वह सड़क सरायपाली-सारंगढ़ रोड़ जिसमें भारी वाहनों का आवागमन होता है। इस घटना की जिम्मेदारी प्रधान पाठिका पदमिनी कुमार को अवकाश के दिन स्कूली बच्चों को गणवेश में आने और स्कूल का चाबी क्यों दिया गया पूछा गया तो चुपी साध लिया गया क्योंकि स्वाभाविक सी बात है किसी भी शासकीय स्कूल का चाबी वहां के बाहर सड़क प्रधान पाठक या प्रधान पाठिका का के पास होता है। यहां प्रश्न अनेक खड़े होते हैं पहला शासकीय अवकाश के दिन स्कूल गणवेश में आने का मौखिक आदेश किसके द्वारा दिया गया ? दूसरा भारी वाहन के अवगमन सड़क बिना सुरक्षा के चिलचिलाती कड़ी धूप में नाबालिक बच्चों को नचवाने की जिम्मेदार कौन है ? तीसरा प्रधान पाठिका पदमिनी कुमार के द्वारा अवकाश के दिन बच्चों को नचवाने या कोई विदाई कार्यक्रम रखने के लिए बिना उच्च अधिकारियों के अनुमति से क्यों रखा गया ? चौथा किसी भी स्कूल का चाबी शासकीय अवकाश के दिन भारसाधक प्रधान पाठक या प्रधान पाठिका के पास होता है, क्या चाबी उच्च अधिकारियों की अनुमति से दिया गया था यदि दिया गया है तो उच्च अधिकारियों का आदेश कॉपी प्रधान पाठिका पदमिनी कुमार के पास है क्या ? पांचवां किसी नाबालिक स्कूली बच्चे का सड़क दुर्घटना हो जाती तो इस आपरी घटना की जिम्मेदार कौन होता ? छठवां छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) अधिनियम 1965 के अनुसार सेवानिवृत्त सेवक को विदाई समारोह कार्यक्रम शालीनता पूर्वक किया जाना है, स्कूली बच्चों को सड़क में बिना सुरक्षा से सिलसिलाते कड़ी धूप पर नचवाना नियमों का घोर उल्लंघन है। इस संदर्भ में अनेक बिंदुओं पर वार्ड नंबर एक, अंबेडकर सरायपाली निवासी शंकर लहरे ने जिला शिक्षा अधिकारी महासमुन्द को लिखित शिकायत किया। जिसमें कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी आदेश क्रमांक./2555/सतर्कता/जांच/2026 जारी आदेश महासमुंद दिनांक 21/04/2026 कों जारी कर जितेन्द्र कुमार बुडेक प्राचार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिछिया विकासखंड बसना को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। अब देखना है यह दिलचस्प होगा की जांच में कौन सा तथ्य सामने आता है और किन-किन शासकीय सेवकों के ऊपर कार्यवाही की गाज गिरती है।

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