
सरायपाली। ग्राम पंचायत किसड़ी में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम के दौरान जातिगत भेदभाव एवं सार्वजनिक अपमान किए जाने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत किसड़ी की सरपंच नीलमणि रात्रे ने इस संबंध में थाना प्रभारी बलौदा को लिखित आवेदन सौंपकर घटना की निष्पक्ष जांच एवं संबंधित लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
सरपंच द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, 15 अगस्त 2026 को ग्राम पंचायत किसड़ी में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ स्थानीय स्कूल के शिक्षक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि ध्वजारोहण के दौरान पूजा-अर्चना की जा रही थी। इसी दौरान ग्राम पंचायत सचिव पृथ्वीराज भोई तथा शासकीय स्कूल के व्याख्याता किशोर रथ द्वारा आपस में शुद्धिकरण मंत्रोच्चार किया गया और इसके बाद सरपंच के ऊपर तुलसी पानी का छिड़काव किया गया।
आवेदनकर्ता का आरोप है कि इस घटना से उन्हें सार्वजनिक रूप से अपमानित महसूस हुआ तथा उन्हें अपनी जातिगत पहचान के कारण इस प्रकार का व्यवहार किए जाने की आशंका है। उन्होंने आवेदन में यह भी कहा है कि ग्राम पंचायत किसड़ी में स्वतंत्रता दिवस अथवा अन्य ध्वजारोहण कार्यक्रमों के दौरान इस प्रकार तुलसी पानी का छिड़काव कर किसी सरपंच या व्यक्ति को शुद्ध करने की कोई परंपरा पूर्व में नहीं रही है।
आवेदन में ग्राम पंचायत किसड़ी सचिव पृथ्वीराज भोई, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय किसड़ी के प्रभारी प्राचार्य किशोर रथ सहित अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की जांच करने तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग की गई है। आवेदनकर्ता ने यह भी उल्लेख किया है कि घटना का वीडियो उपलब्ध है और उसे जांच में साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रखने का अनुरोध किया गया है।
सरपंच ने अपने आवेदन में घटना की तत्काल उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष विभागीय जांच, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच, उपलब्ध वीडियो रिकॉर्डिंग को सुरक्षित रखने, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज करने तथा दोष सिद्ध होने पर संबंधितों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है।
आवेदन में सरपंच ने कहा है कि घटना से उन्हें मानसिक एवं सामाजिक रूप से पीड़ा हुई है तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए।


