
महासमुंद/सरायपाली। शुभा नर्सिंग होम एवं शुभा सेवा संस्थान सरायपाली द्वारा 6 सितंबर 2026 को शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन शुभा नर्सिंग होम सरायपाली के हाल में आयोजित कियागया उक्त कार्यक्रम में सरायपाली अंचल के स्कूलों एवं कॉलेज में कार्यरत एवं समर्पित 20 शिक्षकों को सम्मान स्वरूप प्रशस्ति पत्र शॉल एवं श्रीपाल देकर सम्मान किया गया कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डींगर दास वैष्णव जी एवं राज्यपाल शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित शैलेंद्र नायक जी रहे।
उक्त कार्यक्रम के आयोजन शुभा नर्सिंग होम एवं शुभा सेवा संस्थान के संचालक डॉक्टर भागेश्वर पटेल एवं डॉक्टर सुजाता पटेल जी ने सहृदयता से राष्ट्र निर्माण में जुड़े हुए सेवा भाव से कार्य करने वाले एवं अपने बच्चों में भारत माता के स्वरूप को देखकर सेवा भाव से पूजन करने वाले और समाज को आगे बढ़ाने वाले शिक्षकों का सम्मान किया उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि हमारे समाज में शिक्षकों को दिया जाने वाला यह सम्मान केवल एक साधारण औपचारिकता नहीं बल्कि हमारे अंतर मन से निकला हुआ कृतज्ञता का भाव है अपने विचारों कर्मों और सेवा भावना से जो आलोक समाज में बिखेर रहे हैं वह न केवल प्रेरणा स्रोत है बल्कि सच्चे अर्थों में मानवता के दूत हैं अतः उनका सम्मान करते हुए हमारी संस्था शुभा नर्सिंग होम एवं शुभा सेवा संस्थान सरायपाली अत्यंत गौरवान्वित है।

हमारे संस्थान आपकी समर्पित साधना सामाजिक चेतना और अनुकरणीय योगदान हेतु आपको सहृदय सम्मान अर्पित करता है आपका कर्म ही आपकी पहचान है और यह सम्मान इस पहचान को नमन करता है
अतिथि के रूप में विराजमान राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक शैलेंद्र नायक जी ने भी सभी शिक्षकों को अपने तन मन धन से बच्चों की सेवा करने एवं अपने कर्म से भारत माता की जय करने के लिए उत्साहित किया उन्होंने अपने सभी कर्मों को राष्ट्र सेवा से जोड़कर अपने सभी शिक्षक बंधुओं को संपूर्ण समाज की सेवा करने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डिंगर दास वैष्णव जी ने समाज के सभी क्षेत्रों में शिक्षकों को आगे आकर सेवा भाव से समाज की सेवा करने के लिए प्रेरित किया साथ ही साथ उन्होंने अपने सभी बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु प्रयास करने हेतु सभी शिक्षकों को प्रेरित किया उन्होंने समरसता की बात करते हुए भारत के प्राचीन इतिहास के तथ्यों को रखते हुए कहा कि भारत का प्रत्येक समाज जब तक सबल नहीं होगा तब तक भारत मां की जय नहीं हो सकती और यदि इस कार्य को कोई कर सकता है तो वह हमारे शिक्षक हैं इसलिए हमारे शिक्षकों को भारत माता की सेवा का यह कार्य जो मिला है उसे अपने तन मन धन से पूरा करना होगा एवं इस सेवा कार्य को आगे बढ़ाना होगा जिसे प्राचीन काल से ही हमारे ऋषि मुनियों ने और आचार्यों ने अपने आचरण से साबित किया है कार्यक्रम के अंत में सम्मानित सभी शिक्षकों ने माह में एक बार शोभा नर्सिंग होम में आकर गरीब एवं विभिन्न रोगों से पीड़ित अपने समाज के भैया बहनों की सेवा करने का वचन दिया।


