सरायपाली

बदलेगा प्राथमिक शिक्षा का स्वरूप: महासमुन्द के DRG दल ने रायपुर में लिया FLN सह नवीन पाठ्यपुस्तकों का आधारित प्रशिक्षण

सरायपाली : रायपुर (छ.ग.) में दिनाँक 27 से 31 मार्च 2026 SCERT प्रभारी संचालक ऋतुराज रघुवंशी एवं FLN प्रभारी शबनम मैम के मार्गदर्शन में नई शिक्षा नीति 2020 के तहत एफएलएन (Foundational Literacy and Numeracy) आधारित नवीन पाठ्यपुस्तकों पर सेवाकालीन प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण में जिला महासमुन्द के DRG (डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स ग्रुप) साथियों ने सहभागिता की।

प्रशिक्षण के दौरान सभी विषय विशेषज्ञ SRG द्वारा सारगर्भित एवं प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। शिक्षकों को गतिविधि आधारित शिक्षण, “Learning by Doing” एवं अनुभवात्मक अधिगम के माध्यम से बच्चों को सीखने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करने पर जोर दिया गया। साथ ही, बच्चों में संचार कौशल, आलोचनात्मक चिंतन एवं कल्पनाशीलता विकसित करने के विभिन्न तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।

नवीन पाठ्यपुस्तकों में किए गए बदलावों को समझाते हुए बताया गया कि कक्षा पहली से चौथी तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार इन पुस्तकों का उद्देश्य बच्चों को खेल-खेल में सीखने का अवसर प्रदान करना है, जिससे उनका समग्र विकास हो सके।

इन शिक्षकों ने किया जिले का प्रतिनिधित्व

प्रशिक्षण में जिला महासमुन्द से DRG साथियों के रूप में निम्नलिखित शिक्षकों ने सहभागिता की—

शीला बिस्वास, गीता साहू, दुलारी चंद्राकर, रिंकल बग्गा, शरण दास इन सभी शिक्षकों ने प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाई तथा अपने जिले में लौटकर अन्य शिक्षकों को भी प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी निभाएंगे।

क्या है प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य?

इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर बच्चों में बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN) को मजबूत करना है। साथ ही NCERT एवं SCERT के सहयोग से कक्षा पहली से कक्षा चौथी तक की पाठ्यपुस्तकों में नवीन बदलाव लाए गए हैं, जिनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करना तथा शिक्षकों को इन परिवर्तनों के अनुरूप सक्षम बनाना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है, ताकि वर्ष 2027 तक सभी बच्चे अपने कक्षा स्तर के अनुरूप पढ़ने-लिखने एवं गणना करने में सक्षम हो सकें।

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