
महासमुंद । सिंघोड़ा पुलिस ने मेडिकल दुकान संचालक से लूट की साजिश रचने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी वारदात को होने से पहले ही विफल कर दिया। पुलिस ने घटना के महज 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल, एक लोहे की सरिया तथा दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, मौलीखार निवासी मेडिकल संचालक वेदप्रसाद प्रधान (34 वर्ष) ने थाना सिंघोड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 28 जून 2026 की रात लगभग 8 बजे वह छुईपाली स्थित अपने भाई की मेडिकल दुकान से बिक्री की रकम लेकर घर लौट रहा था। मौलीखार मोड़ से बोईरमाल तक एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक उसका पीछा करते रहे। इसके बाद आरोपियों ने उसकी बाइक को ओवरटेक कर रोकने का प्रयास किया और लोहे की सरिया दिखाकर हमला तथा लूटपाट की कोशिश की। व्यवसायी ने सूझबूझ दिखाते हुए अपनी बाइक तेज गति से भगाई और किसी तरह सुरक्षित घर पहुंचकर परिजनों को घटना की जानकारी दी।
रिपोर्ट के आधार पर थाना सिंघोड़ा में अपराध क्रमांक 69/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 126, 62, 131 एवं 309(5) के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ और मिले सुरागों के आधार पर संदेहियों के ठिकानों पर दबिश दी।
पूछताछ के दौरान आरोपियों करूणा प्रधान (25 वर्ष), रितुराज प्रधान (19 वर्ष) एवं खीरसागर भोई (22 वर्ष) ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। आरोपियों ने बताया कि लगभग एक माह पहले उन्होंने मौलीखार के सुखामुड़ा तालाब के पास बैठकर मेडिकल संचालक को रोजाना बिक्री की नकदी लेकर लौटते देख उसे लूटने की योजना बनाई थी। घटना वाले दिन उन्होंने पहले शराब का सेवन किया और फिर मोटरसाइकिल से व्यवसायी का पीछा कर उसकी बाइक रोकने तथा विरोध करने पर लोहे की सरिया से हमला कर नकदी लूटने की तैयारी की थी, लेकिन व्यवसायी के भाग निकलने से उनका प्रयास विफल हो गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त लगभग 50 हजार रुपये मूल्य की मोटरसाइकिल, एक लोहे की सरिया तथा करीब 8 हजार रुपये मूल्य के दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। तीनों आरोपियों को 29 जून 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।



