सरायपाली

पाटसेन्द्री में प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा विधिक जानकारी दी गई

सरायपाली: शासकीय उच्च प्राथमिक शाला पाटसेन्द्री में विधिक सम्बन्धी जानकारी शोभना कोष्टा प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा छत्तीसगढ़ में महिलाओं के मानवाधिकार का हनन टोनही प्रताड़ना पर अंकुश लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ टोनही प्रताड़ना अधिनियम 2005 लागू किया गया था इस अधिनियम के तहत किसी व्यक्ति को टोनही कहने पर 3 साल की कठोर जेल और जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा अगर किसी को शारीरिक या मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है या उससे नुकसान पहुंचाया जाता है तो 5 साल की जेल और जुर्माना हो सकता है। एवं सड़क दुर्घटना से बचने के लिए यातायात के नियम बच्चों को बताया गया बताने के पहले बच्चों को ट्रैफिक के नियम न्यायाधीश मेम द्वारा बच्चों से प्रश्न किया गया जिसमें सभी बच्चों ने एक स्वर में जवाब दिया गया । जबाव सुनकर मेम मेम द्वारा बच्चों की भूरी भूरी प्रशंसा किया गया।इस संबंध में शासकीय उच्च प्राथमिक शाला पाटसेंद्री के बच्चों और शिक्षकों के बीच चर्चा किया गया। इस कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक शाला पाटसेंद्री के बच्चों द्वारा काफी उत्साहित होकर ध्यानपूर्वक सुने साथ ही बच्चों द्वारा शोभना कोष्टा प्रथम न्यायाधीश और बच्चों के बीच बातचीत हुई इस कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक शाला पाटसेंद्री के प्रधान पाठक चंद्रभानु पटेल, शिक्षिका सविता पटेल, नमिता पटेल, शिक्षक राजेंद्र कुमार निर्मलकर और संदीप भोई उपस्थित थे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

BREAKING